नौकरी नहीं है तो मजदूरी करे पति, हाईकोर्ट का आदेश, पत्नी को दें गुजारा भत्ता

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नौकरी नहीं है तो मजदूरी करे पति, हाईकोर्ट का आदेश, पत्नी को दें गुजारा भत्ता

Allahabad High Court: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता स्वस्थ व्यक्ति है और पैसा कमाने में सक्षम है और अपनी पत्नी के भरण-पोषण के लिए भी उत्तरदायी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि वह अकुशल श्रमिक के रूप में न्यूनतम मजदूरी के रूप में प्रतिदिन लगभग 300 रुपये से 400 रुपये कमा सकता है.

Allahabad High Court: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता स्वस्थ व्यक्ति है और पैसा कमाने में सक्षम है और अपनी पत्नी के भरण-पोषण के लिए भी उत्तरदायी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि वह अकुशल श्रमिक के रूप में न्यूनतम मजदूरी के रूप में प्रतिदिन लगभग 300 रुपये से 400 रुपये कमा सकता है. 

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