राम ‘अरुण गोविल’ तेरे कितने रूप: ‘रामायण’ से पहले ‘विक्रम बेताल’ में आए थे नजर
नरेंद्र कोहली ने हिंदू धार्मिक साहित्य पर बहुत सारा लिखा है. उन्हें भी राम का रूप याद करने पर अरुण गोविल का ही चेहरा याद आ जाता रहा. उन्होंने इसके बारे में अपनी आत्मकथ्यात्मक रचना ‘सागलकोट’ में लिखा है. वैसे दिमाग पर जोर डाला जाय तो रामनंद सागर के रामायण में राम बनने से पहले अरुण गोविल ‘विक्रम बेताल’ में महाराजा विक्रमादित्य का किरदार निभा चुके थे. ये मुख्य भूमिका थी, लेकिन वे राम बने तो बन ही गए. हालांकि उसके बाद गोविल को फिल्मों या सीरियल में कोई अहम किरदार नहीं मिल सका. अब उन्होंने अपना मकसद बदला है और मेरठ से चुनावी मैदान में बीजेपी की ओर से उतरे हैं.
नरेंद्र कोहली ने हिंदू धार्मिक साहित्य पर बहुत सारा लिखा है. उन्हें भी राम का रूप याद करने पर अरुण गोविल का ही चेहरा याद आ जाता रहा. उन्होंने इसके बारे में अपनी आत्मकथ्यात्मक रचना ‘सागलकोट’ में लिखा है. वैसे दिमाग पर जोर डाला जाय तो रामनंद सागर के रामायण में राम बनने से पहले अरुण गोविल ‘विक्रम बेताल’ में महाराजा विक्रमादित्य का किरदार निभा चुके थे. ये मुख्य भूमिका थी, लेकिन वे राम बने तो बन ही गए. हालांकि उसके बाद गोविल को फिल्मों या सीरियल में कोई अहम किरदार नहीं मिल सका. अब उन्होंने अपना मकसद बदला है और मेरठ से चुनावी मैदान में बीजेपी की ओर से उतरे हैं.
