कैसे चलता था महादेव ऐप से सट्टा, कहां तक फैला था जाल? ED ने सुलझा ली सब गुत्थी
Mahadev App Case: ईडी की जांच रिपोर्ट की मानें तो महादेव बेटिंग ऐप को दुबई में बैठकर छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ऑपरेट करते थे. ये दोनों महादेव बेटिंग ऐप के प्रमोटर भी थे. मलेशिया, थाईलैंड हिंदुस्तान, यूएई में अलग-अलग बड़े शहरों में कॉल सेंटर खोले गए थे, जिनके जरिए अलग-अलग सब्सिडरी ऐप बनाकर ऑनलाइन सट्टा खिलाया जाता था. ईडी की तफ्तीश में साफ हुआ है कि महादेव बेटिंग ऐप के जरिए हजारों करोड़ रुपए के वारे न्यारे किए जा रहे थे. तो अब आपको समझाते हैं कि आखिरकार यूएई में बैठकर कैसे सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल, पुलिस-ब्यूरोक्रेट्स और पॉलिटिशियन का एक नेक्सस तैयार कर महादेव बेटिंग ऐप को हिंदुस्तान में ऑपरेट कर रहा था.
Mahadev App Case: ईडी की जांच रिपोर्ट की मानें तो महादेव बेटिंग ऐप को दुबई में बैठकर छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ऑपरेट करते थे. ये दोनों महादेव बेटिंग ऐप के प्रमोटर भी थे. मलेशिया, थाईलैंड हिंदुस्तान, यूएई में अलग-अलग बड़े शहरों में कॉल सेंटर खोले गए थे, जिनके जरिए अलग-अलग सब्सिडरी ऐप बनाकर ऑनलाइन सट्टा खिलाया जाता था. ईडी की तफ्तीश में साफ हुआ है कि महादेव बेटिंग ऐप के जरिए हजारों करोड़ रुपए के वारे न्यारे किए जा रहे थे. तो अब आपको समझाते हैं कि आखिरकार यूएई में बैठकर कैसे सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल, पुलिस-ब्यूरोक्रेट्स और पॉलिटिशियन का एक नेक्सस तैयार कर महादेव बेटिंग ऐप को हिंदुस्तान में ऑपरेट कर रहा था.
