अंतोन चेखव की दिलचस्प कहानी ‘नक़ाब’
29 जनवरी 1860 में जन्मे अंतोन चेखव रूसी कथाकार और नाटककार थे. अपने साहित्यिक जीवन में उन्होंने रूसी भाषा को कई कालजयी नाटक दिए. उनकी कहानियां विश्व समीक्षकों और आलोचकों में आज भी सराही जाती हैं और शिद्दत से पढ़ी जाती हैं. चेखव की पहली कहानी साल 1880 में और 1884 में उनका पहला कहानी-संग्रह प्रकाशित हुआ. तपेदिक से जूझते हुए 15 जुलाई 1904 में विश्व के इस महान लेखक ने दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनके साहित्य की गूंज आज भी सुनाई पड़ती है. प्रस्तुत है चेखव की कहानी ‘नक़ाब’. इस कहानी को चेखव ने साल 1884 में लिखा था, जिसे परिकल्पना प्रकाशन ने 2002 में ‘अंतोन चेखव : चुनी हुई कहानियां’ कथा-संग्रह में भी शामिल किया.
29 जनवरी 1860 में जन्मे अंतोन चेखव रूसी कथाकार और नाटककार थे. अपने साहित्यिक जीवन में उन्होंने रूसी भाषा को कई कालजयी नाटक दिए. उनकी कहानियां विश्व समीक्षकों और आलोचकों में आज भी सराही जाती हैं और शिद्दत से पढ़ी जाती हैं. चेखव की पहली कहानी साल 1880 में और 1884 में उनका पहला कहानी-संग्रह प्रकाशित हुआ. तपेदिक से जूझते हुए 15 जुलाई 1904 में विश्व के इस महान लेखक ने दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनके साहित्य की गूंज आज भी सुनाई पड़ती है. प्रस्तुत है चेखव की कहानी ‘नक़ाब’. इस कहानी को चेखव ने साल 1884 में लिखा था, जिसे परिकल्पना प्रकाशन ने 2002 में ‘अंतोन चेखव : चुनी हुई कहानियां’ कथा-संग्रह में भी शामिल किया.
