लबों पर शायरीः होंठ अच्छे हों तो समझो कि सवाल अच्छा है- अदीम हाशमी
गीत, शेर और शायरी में महबूब का प्यार होता है, तो तकरार भी होती है. महबूब की हुश्न की तारीफ करते हुए हमारे तमाम कवियों, शायर और गीतकारों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं की है. प्रेमिका के हर अंग पर शायरी की है, लेकिन जिस अंग पर सबसे ज्यादा लिखा गया है वे हैं महबूब की आंखें और होंठ.
गीत, शेर और शायरी में महबूब का प्यार होता है, तो तकरार भी होती है. महबूब की हुश्न की तारीफ करते हुए हमारे तमाम कवियों, शायर और गीतकारों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं की है. प्रेमिका के हर अंग पर शायरी की है, लेकिन जिस अंग पर सबसे ज्यादा लिखा गया है वे हैं महबूब की आंखें और होंठ.
