नवरात्रि, नृत्य और अनुष्ठान

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नवरात्रि, नृत्य और अनुष्ठान

‘तेय्यम’ यानी दैवम (देव) अथवा ईश्वर. इस नृत्य में नर्तक देवी-देवताओं के तौर पर अपनी इच्छा और कल्पना के अनुकूल ईश्वरीय वेष-भूषा (तड़क-भड़कयुक्त) पहन कर तथा सिर पर मुकुट धारण करके चपल गति से नर्तन करता है. ‘तेय्यम’ को कालियाट्टम (काली नृत्य) भी कहते हैं.

‘तेय्यम’ यानी दैवम (देव) अथवा ईश्वर. इस नृत्य में नर्तक देवी-देवताओं के तौर पर अपनी इच्छा और कल्पना के अनुकूल ईश्वरीय वेष-भूषा (तड़क-भड़कयुक्त) पहन कर तथा सिर पर मुकुट धारण करके चपल गति से नर्तन करता है. ‘तेय्यम’ को कालियाट्टम (काली नृत्य) भी कहते हैं. 

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