‘सांस्कृतिक मार्क्सवादी’ देश की शिक्षा, संस्कृति को कर रहे बर्बाद: मोहन भागवत
आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘ये स्वार्थी, भेदभावपूर्ण और धोखेबाज ताकतें अपने सांप्रदायिक हितों को साधने की कोशिश में सामाजिक एकता को बाधित करने तथा संघर्ष को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही हैं. वे तरह-तरह के चोगे पहनती हैं. उनमें से कुछ खुद को सांस्कृतिक मार्क्सवादी या जागृत कहती हैं.’
आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘ये स्वार्थी, भेदभावपूर्ण और धोखेबाज ताकतें अपने सांप्रदायिक हितों को साधने की कोशिश में सामाजिक एकता को बाधित करने तथा संघर्ष को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही हैं. वे तरह-तरह के चोगे पहनती हैं. उनमें से कुछ खुद को सांस्कृतिक मार्क्सवादी या जागृत कहती हैं.’
