बनारस के बादअब महेश्वर में भी लगेंगी जैकार्ड मशीनें,माहेश्वरी साड़ी और होगी खास
बुनकर अजीज अंसारी ने कहा कि बीते दिनों बुनकरों का एक दल बनारस गया था. यहां उन्होंने मशीन का काम देखा और पूरी प्रक्रिया को समझा. फिलहाल बनारस में 15 मशीनों से काम हो रहा है. उनका मानना है की हथकरघा पर डाबी की जगह इलेक्ट्रॉनिक मशीन से काम आसान होगा, माहेश्वरी साड़ियों का उत्पादन बढ़ेगा. नई-नई डिजाइन बनाई जा सकेगी, जिससे साड़ियों के दाम भी अच्छे मिलेंगे.
बुनकर अजीज अंसारी ने कहा कि बीते दिनों बुनकरों का एक दल बनारस गया था. यहां उन्होंने मशीन का काम देखा और पूरी प्रक्रिया को समझा. फिलहाल बनारस में 15 मशीनों से काम हो रहा है. उनका मानना है की हथकरघा पर डाबी की जगह इलेक्ट्रॉनिक मशीन से काम आसान होगा, माहेश्वरी साड़ियों का उत्पादन बढ़ेगा. नई-नई डिजाइन बनाई जा सकेगी, जिससे साड़ियों के दाम भी अच्छे मिलेंगे.
