‘यह कानून का घोर उल्लंघन; जज अनुशासन का पालन करें’, आखिर SC हो क्यों गया हैरान
Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश द्वारा विशेष रूप से नहीं सौंपे गए मामले को लेना ‘घोर अनौचित्य का कार्य’ है. शीर्ष अदालत ने आश्चर्य जताया कि प्राथमिकियों को एक साथ जोड़ने के लिए दीवानी रिट याचिका पर कैसे विचार किया जा सकता है. न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ उच्च न्यायालय के मई के एक आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई कर रही थी.
Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश द्वारा विशेष रूप से नहीं सौंपे गए मामले को लेना ‘घोर अनौचित्य का कार्य’ है. शीर्ष अदालत ने आश्चर्य जताया कि प्राथमिकियों को एक साथ जोड़ने के लिए दीवानी रिट याचिका पर कैसे विचार किया जा सकता है. न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ उच्च न्यायालय के मई के एक आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई कर रही थी.
