केंद्रीय कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सीएमपीएफओ का वेब पोर्टल सी-केयर्स लॉन्च किया
(जी.के.मदान)
सिंगरौली। दिन बुधवार 31 जनवरी को केंद्रीय कोयला, खान और संसदीय मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सी-केयर्स नाम से सीएमपीएफओ का एक वेब पोर्टल लॉन्च किया। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की अनुसंधान एवं विकास संगठन, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डीएसी) द्वारा इस पोर्टल को विकसित एवं डिजाइन किया गया है। यह पहल सीएमपीएफओ की डिजिटलीकरण यात्रा में एक मील का पत्थर है, जिसका उद्देश्य सीएमपीएफ़ रिकॉर्ड और कार्य प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने के लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे का निराकरण करना है।
कोयला खान भविष्य निधि संगठन (सीएमपीएफओ) कोयला मंत्रालय के तत्वावधान में कोयला क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से भविष्य निधि और पेंशन योजनाओं के संचालन के लिए वर्ष 1948 में स्थापित एक स्वायत्त संगठन है। यह संगठन वर्तमान में कोयला क्षेत्र के लगभग 3.3 लाख भविष्य निधि ग्राहकों और 6.1 लाख पेंशनभोगियों को सेवाएं प्रदान कर रहा है।
वर्तमान में, सीएमपीएफओ भविष्य निधि ग्राहकों और पेंशनभोगियों के दावों का निपटान मैन्युअल रूप से करता है। पोर्टल के लॉन्च के साथ, पीएफ और पेंशन दावों का निपटान अब ऑनलाइन किया जा सकेगा। इससे तेज प्रसंस्करण, संचालन में पारदर्शिता, बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन और निगरानी की सुविधा मिलेगी l साथ ही ग्राहकों और पेंशनभोगियों में अधिक विश्वसनीयता पैदा होगा।
सी-डैक इस परियोजना पर मार्च 2023 से कार्य कर रहा था जिसके परिणाम स्वरूप सीएमपीएफ़ परिचालन के लिए व्यापक समाधान के रूप में यह सॉफ्टवेयर तैयार हुआ है।
पोर्टल, सी-केयर्स, सीएमपीएफ ग्राहकों और कोयला कंपनियों को लॉगिन करने और उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न कार्य करने की अनुमति देगा। जबकि ग्राहक अपने व्यक्तिगत विवरण और सदस्यता जैसी जानकारियों तक घर बैठे ऑनलाइन पहुंच सकते हैं।
साथ ही यह पोर्टल ग्राहकों के विवरण, शिकायत व उनका निपटान ऑनलाइन करने में सक्षम है व इसके माध्यम से कागज रहित कामकाज, दावों का समय पर और सटीक निपटान, प्रसंस्करण समय में कमी और शिकायत निवारण भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
इस पोर्टल का उद्देश्य यह भी है कि कोयला क्षेत्र में काम करने वाले सीएमपीएफ ग्राहकों के साथ-साथ इसके पेंशनभोगियों को भी लाभ पहुंचे।
यह डिजिटल बदलाव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के अनुरूप है व हितधारकों के लिए डिजिटल परिवर्तन को अपनाने के प्रति सीएमपीएफओ और कोयला मंत्रालय की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
गौरतलब है कि इस परिवर्तनकारी पहल से एनसीएल के वर्तमान कर्मियों, पेंशनभोगियों व अन्य भी लाभान्वित होंगे।
