सेट ए.बी.आर. पब्लिक स्कूल में वार्षिकोत्सव “परंपरा” का भव्य एवं यादगार आयोजन
(आदित्य सोनी)
रेणुकूट (सोनभद्र)। सेट ए.बी.आर. पब्लिक स्कूल में वार्षिकोत्सव “परंपरा” का भव्य, सुसंयोजित एवं अत्यंत सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की केंद्रीय थीम “युगंतर की कहानी” रही, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय सभ्यता के चारों युग—सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग एवं कलियुग—की सांस्कृतिक, सामाजिक एवं नैतिक विशेषताओं का सशक्त एवं प्रभावशाली मंचन प्रस्तुत किया।
“परंपरा: स्टोरी ऑफ युगंतर” के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह सार्थक संदेश दिया कि समय के साथ युग भले ही बदलते रहें, किंतु भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं मूल्य परंपरा सदैव अक्षुण्ण रहती है। विद्यार्थियों की मनोहारी प्रस्तुतियों ने युग परिवर्तन की इस ऐतिहासिक यात्रा को अत्यंत जीवंत, भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी रूप में प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित दर्शकों ने करतल ध्वनि के साथ खूब सराहा।
कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ाने हेतु मुख्य अतिथि डॉ. परमेंद्र सिंह, विशिष्ट अतिथि डॉ. लवकुश प्रजापति एवं श्री अम्बर उपाध्याय की गरिमामयी उपस्थिति रही। मंच संचालन का दायित्व एंकर भागवत सिंह, हया ख़ान, पायल बंशीवाल, नमेन राय, आकाश राय एवं सरस्वती ने अत्यंत प्रभावशाली, सुसंयोजित एवं आकर्षक ढंग से निभाया।

वार्षिकोत्सव में बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावकों ने छात्र–छात्राओं की प्रतिभा, आत्मविश्वास एवं मंचीय कौशल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उत्कृष्ट प्रस्तुतियों, सांस्कृतिक विविधता एवं गूढ़ संदेशों के कारण कार्यक्रम सभी दर्शकों के मन को छू गया।
कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय के प्रधानाचार्य, प्रबंधन समिति, समस्त शिक्षकगण एवं कार्यालय स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। विद्यालय परिवार द्वारा सभी के सहयोग, समन्वय एवं अथक परिश्रम के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर एक भावुक एवं प्रेरक क्षण तब उपस्थित हुआ, जब दिवंगत युवराज सिंह की स्मृति में उनकी माता एवं ए.बी.पी.एस. की शिक्षिका श्रीमती सरिता सिंह द्वारा वर्ष 2024 में कक्षा 10वीं एवं 12वीं में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ₹25,000–₹25,000 की सम्मान राशि प्रदान की गई। उनका यह संवेदनशील, प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय योगदान उपस्थित सभी जनों को भावविभोर कर गया।
कार्यक्रम की सफलता पर विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं प्रबंधन समिति ने विद्यार्थियों के अथक परिश्रम तथा उनके अभिभावकों के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। यह वार्षिकोत्सव विद्यालय की रचनात्मक सोच, अनुशासन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सशक्त उदाहरण बनकर सभी के हृदयों पर अमिट छाप छोड़ गया।
