रेणुकूटः रामलीला की तैयारियाँ जोर-शोर से, तकनीकी नवाचार और भक्ति का होगा संगम
(आदित्य सोनी)
रेणुकूट (सोनभद्र)। हिंडाल्को रामलीला परिषद विगत 60 वर्षों से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की लीलाओं का भव्य मंचन करती आ रही है। यह आयोजन न केवल हिंडाल्को परिवार का गौरव है, बल्कि पूरे सोनभद्र जिले की सांस्कृतिक पहचान भी बन चुका है। विशेषता यह है कि मंचन से लेकर संचालन तक की पूरी जिम्मेदारी हिंडाल्को रेणुकूट परिवार के सदस्य निभाते हैं, जो समर्पण, श्रद्धा और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
इस वर्ष रामलीला मंचन का शुभारंभ 23 सितम्बर 2025 से होगा। परिषद के अध्यक्ष प्रमोद कुमार उपाध्याय ने बताया कि इस बार करीब 400 कलाकार मंचन में हिस्सा लेंगे। इनमें हिंडाल्को कंपनी के कर्मचारी, उनके परिजन और स्थानीय स्कूलों के छात्र-छात्राएँ शामिल होंगे। कलाकार प्रतिदिन शाम को रिहर्सल कर मंचन की तैयारी में जुटे हैं।
रामलीला का समापन 02 अक्टूबर 2025 को होगा, जब पारंपरिक रावण दहन, राम दरबार की झांकी और भव्य आतिशबाजी के साथ आयोजन अपने चरम पर पहुँचेगा। इस बार मंच पर दर्शकों को और भी रोचक अनुभव देने के लिए अत्याधुनिक लाइटिंग, उच्च गुणवत्ता वाला साउंड सिस्टम, आकर्षक परिधान और ऐतिहासिक दृश्यों का जीवंत मंचन प्रस्तुत किया जाएगा।
हिंडाल्को रामलीला परिषद का यह आयोजन न केवल धर्म और संस्कृति के संगम का प्रतीक है, बल्कि सोनभद्र में सामाजिक एकजुटता और भक्ति की परंपरा को भी जीवंत बनाए हुए है।
