हिण्डाल्को रामलीला परिषद द्वारा रामजन्म एवं विश्वामित्र यज्ञ की लीलाओं का भव्य मंचन
(आदित्य सोनी)
रेणुकूट (सोनभद्र)। दिन गुरुवार 25 सितम्बर 2025 को हिण्डाल्को रामलीला परिषद् के तत्वावधान में रामलीला के दूसरे दिन की लीलाओं का मंचन भव्यता और श्रद्धा भाव के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मानव संसाधन प्रमुख जसबीर सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी सीमा सिंह, प्रोजेक्ट एंड सर्विसेज हेड राजेश कपूर तथा जनसंपर्क विभाग के प्रमुख यशवंत कुमार ने सपत्नीक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गणेश पूजन कर किया। इस अवसर पर परिषद् अध्यक्ष पी.के. उपाध्याय, सचिव आदित्य प्रकाश पांडे एवं कोषाध्यक्ष पद्माकर मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
रामलीला मैदान में भारी जनसमूह की उपस्थिति के बीच सबसे पहले राजा दशरथ द्वारा पुत्रेष्टि यज्ञ का दृश्य मंचित किया गया। इस प्रसंग में कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा को पुत्ररत्न प्राप्त होते हैं। श्रीराम जन्म की शुभ सूचना से सम्पूर्ण अयोध्या उत्साह और उल्लास से गूंज उठी। बाल रूप रामलला के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु दर्शकों ने “जय श्रीराम” के जयकारों से पूरा मैदान गूंजा दिया। तत्पश्चात गुरु वशिष्ठ द्वारा चारों राजकुमारों — राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न — का नामकरण संस्कार संपन्न कराया गया। इसके साथ ही गुरु वशिष्ठ के आश्रम में चारों भाइयों की शिक्षा एवं बाल लीलाओं का मनोहारी मंचन हुआ, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

इसके बाद मुनि विश्वामित्र के यज्ञ की राक्षसों से रक्षा करते हुए श्रीराम और लक्ष्मण के पराक्रम का सजीव मंचन प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। उधर जनकपुर में पड़े भयंकर अकाल और प्रजा की पीड़ा का दृश्य भी भावनात्मक अंदाज़ में प्रस्तुत किया गया। इसके अंतर्गत राजा जनक द्वारा स्वयं हल चलाने का प्रसंग दर्शाया गया, जिसके उपरांत भूमि से माता सीता के प्राकट्य का दिव्य दृश्य मंचित हुआ। इस दृश्य ने श्रद्धा और भक्ति से परिपूर्ण वातावरण निर्मित कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
रामलीला परिषद् द्वारा प्रस्तुत दूसरे दिन की यह श्रृंखला दर्शकों की स्मृतियों में लंबे समय तक अंकित रहने वाली
रही।
