जन सहयोग से ही जंगल होंगे सुरक्षित और संरक्षित
(आदित्य सोनी)
म्योरपुर (सोनभद्र)। स्थानीय कस्बा स्थित वन रेंज परिसर में रविवार को स्टाल ,प्रदर्शनी, और गोष्ठी का आयोजन कर वन विभाग ने वानिकी नव वर्ष की शुरुआत की।जिसमे वन सरंक्षण, पौध रोपण, आग से वनो बचाने, और नर्सरी तैयार करने की विधियों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रभागीय वनाधिकारी स्वतंत्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि आज के हालात में वन पर्यावरण सरंक्षण के लिए एक मात्र संजीवनी है। वनों और मनुष्य का अटूट रिश्ता मनुष्य के सृजन काल से रहा है।इसका सरंक्षण सभी के सहयोग से ही संभव हो रहा है। कहा कि जंगल सबके लिए है क्योंकि सभी लोग उसी से शुद्ध हवा लेते है। उप प्रभागीय वनाधिकारी डा भानेंद्र सिंह ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि वन विभाग वानिकी में आठ कार्यक्रमों को लेकर काम कर रहा है। उसमे सबसे ज्यादा महत्व पौध रोपण और पुराने पौधो को संरक्षित करने और नर्सरी तैयार करने का है। यहां के जंगल में पौधे खुद पनपते बढ़ते है और प्राकृतिक पौधो को काटा ना जाए तो जंगल खुद घना हो जाएगा साथ ही जड़ी बूटी, जीव जंतुओं को बढ़वा मिलेगा। आह्वान किया की हर हर में फलदार और इमारती पौधे हर साल रोपित किए जाए। और जंगलों को नुकसान ना पहुंचाया जाए तो हम जंगलों को पुनः पुराने घने अवस्था में ला सकेंगे। उप प्रभागीय वनाधिकारी उषा देवी, रेंजर शक्तिनगर, बीना, पिपरी, बघाडु ने भी विचार रखे और सभी ने उपस्थित लोगो ने वन सरंक्षण का संकल्प लिया। मौके पर रेंजर शहजादा इमालुद्दीन, रूप सिंह, धर्मेंद्र मिश्रा, अवधनारायण, मिश्रा, राघवेंद्र कुमार, गोविंद, राकेश सिंह, संजय श्रीवास्तव, विजेंद्र सिंह,शिव कुमार सिंह, श्याम लाल, अरविंद यादव, एस एन श्रीवास्तव, सहित ग्रामीण और स्कूली छात्र उपस्थित रहे।
