म्योरपुर जमा मस्जिद में पढ़ी गयी खत्म तरावीह की नमाज
(जी.के.मदान/आदित्य सोनी)
म्योरपुर (सोनभद्र)। दिन सोमवार 24 मार्च 2025 को रमजान का 23वां रोजा मुकम्मल हुआ। वहीं इस दौरान म्योरपुर जामा मस्जिद में रविवार की रात खत्म तरावीह की नमाज अकीदत के साथ पढ़ी गयी। तरावीह खत्म होने पर नमाजियों ने हाफिज को माला पहना कर मुबारकबाद दिया। रमजान के शुरुआत होते ही यह तरावीह की नमाज हाफ़िज़ मंज़र आलम साहब के द्वारा हर रात तरावीह की नमाज में कुरान पाक की आयतें सुनाई जाती रही। तरावीह में पूरा कुरान सुनाया जाता है। तरावीह की नमाज इफ्तार के करीब 2 घंटे बाद शुरू की जाती है. यह रात की नमाज (ईशा) के साथ पढ़ी जाती है।तरावीह की नमाज 20 रकात की होती है। तरावीह की नमाज पढ़ने में लगभग एक घंटे से डेढ़ घंटे तक का समय लग जाता है साथ ही नमाज ए तरावीह खत्म होने पर अकीदतमंदों ने दुआ मांगी। नमाज ए तरावीह में कुरान शरीफ सुनाने वाले हाफिज को फूल मालाओं से इस्तकबाल किया गया वहीं म्योरपुर जामा मस्जिद के इमाम हाफ़िज़ मंज़र आलम साहब ने नबी अकरम की सुन्नत पर चलने का आह्वान किया। नमाज से पहले मस्जिद के इमाम ने रमजान की फजीलत पर तकरीर करते हुए कहा कि रमजान के महीने में कुरआन नाजिल हुआ था। इस दौरान अयूब अली (सादर साहब ) सकिल अहमद उर्फ़ छोटन भाई, नसीम अहमद, रफीक अहमद, वकील अहमद, अतहर हुसैन, जसिम खान, नजीर हुसैन, सलीम अहमद, टावर आब्ब्स, साकिर अंसारी, अजहर अंसारी, मोहम्मद कुरैश, महमूद, लड्डू भाई सहित तमाम लोग मौजूद रहें।
