हिंदी श्री के माध्यम से पूर्वांचल के लेखक वैश्विक फलक पर बना रहे पहचान : डॉ. संगीता बलवंत
*विश्व पुस्तक मेले में हिंदी श्री पब्लिकेशन के स्टॉल का उद्घाटन, तीन पुस्तकों का हुआ विमोचन*
(जी.के. मदान/आदित्य सोनी)
नई दिल्ली। विश्व पुस्तक मेला–2026 के अवसर पर हिंदी श्री पब्लिकेशन के स्टॉल पर प्रकाशित तीन पुस्तकों छांव की तलाश, लेबर चौक एवं शिखर: बीते लम्हें का भव्य विमोचन राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने हिंदी श्री पब्लिकेशन की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि संस्था पूर्वांचल के लेखकों को वैश्विक पहचान दिलाने का उल्लेखनीय कार्य कर रही है।
डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि भारत सरकार की संस्था नेशनल बुक ट्रस्ट के सौजन्य से आयोजित विश्व पुस्तक मेले में हिंदी श्री पब्लिकेशन द्वारा पूर्वांचल के साहित्यकारों को मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनकी रचनाएं देश-विदेश के पाठकों तक पहुंच पा रही हैं। यह प्रयास हिंदी साहित्य के विस्तार और संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में वेद प्रकाश प्रजापति (महाप्रबंधक, एआईईएसएल), निकष प्रकाशन के संस्थापक अशोक सिंह सत्यवीर, सूचना विभाग के सेवानिवृत्त राजपत्रित अधिकारी गोपाल जी राय एवं साहित्यकार अनिल अंकित उपस्थित रहे। आयुष्मती आयुष एवं स्नोरतन ने मुख्य अतिथि का स्वागत अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।

विमोचित पुस्तकों में आयुष्मती आयुष की छांव की तलाश समसामयिक कविताओं का सशक्त संग्रह है, शिब्बू ग़ाज़ीपुरी की लेबर चौक सामाजिक यथार्थ और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी कहानियों का संकलन है, जबकि डॉ. मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव की पुस्तक शिखर: बीते लम्हें में शिखर से जुड़ी स्मृतियों को आकर्षक फोटोग्राफ्स और शीर्षकों के माध्यम से संजोया गया है।
इस अवसर पर उपस्थित सभी साहित्यकारों ने अपनी-अपनी कृतियों पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए पाठकों से आत्मीय संवाद स्थापित किया। अतिथियों ने लेखकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की कामना की।

उल्लेखनीय है कि 10 से 18 जनवरी तक चलने वाले विश्व पुस्तक मेले में इस वर्ष प्रवेश नि:शुल्क रखा गया है। कार्यक्रम का संयोजन मिर्जापुर के चर्चित साहित्यकार आनंद अमित ने किया, जबकि संचालन स्क्रिप्ट राइटर शिब्बू ग़ाज़ीपुरी ने किया।
