सोनभद्र में हीटवेव से निपटने के लिए मास्टर प्लान तैयार, डीएम बी.एन. सिंह के सख्त निर्देश

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*अस्पतालों में लू वार्ड, स्कूल टाइम में बदलाव, मनरेगा श्रमिकों के कार्य समय में संशोधन—सभी विभागों को SOP तैयार करने के निर्देश*

(जी.के.मदान/आदित्य सोनी)

सोनभद्र। भीषण गर्मी और संभावित हीटवेव के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने जनपद में व्यापक कार्ययोजना लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। इस मास्टर प्लान का उद्देश्य आमजन, पशुधन और पर्यावरण को लू के प्रभाव से सुरक्षित रखना है।

जिलाधिकारी ने बताया कि शिक्षा विभाग को विद्यालयों के समय में आवश्यक परिवर्तन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्कूलों में पेयजल, बिजली, पंखे और छायादार स्थानों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। मिड-डे मील की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और भवनों में हीट रेजिस्टेंट उपाय अपनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

नगर निकायों को सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंड और अस्पताल परिसरों में शीतल पेयजल, छाया और कूलिंग सेंटर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पाइप जलापूर्ति की निगरानी और पार्कों में छायादार स्थान विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज एवं ग्राम विकास विभाग को पानी के टैंकर उपलब्ध कराने, हैंडपंपों की मरम्मत कराने, पंचायत भवनों में कूलिंग शेल्टर बनाने और जल स्रोतों की सफाई व संरक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मनरेगा श्रमिकों के कार्य समय में बदलाव कर उन्हें लू से बचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए पेयजल, टीकाकरण, दवाइयों की उपलब्धता और पशुशालाओं में कूलिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग को वृक्षारोपण बढ़ाने, जंगलों में आग से बचाव और वन्यजीवों के लिए जल स्रोत उपलब्ध कराने को कहा गया है।

अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड में रखते हुए त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और खराब लाइनों की समय से मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया है।

स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में लू वार्ड या अलग बेड की व्यवस्था करने, डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की 24 घंटे ड्यूटी सुनिश्चित करने तथा ओआरएस, ग्लूकोज, दवाइयों और आईवी फ्लूइड की पर्याप्त उपलब्धता रखने के निर्देश दिए गए हैं। एम्बुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट मोड में रखने को कहा गया है, ताकि हीट स्ट्रोक के मरीजों का तत्काल उपचार हो सके।

परिवहन विभाग को बस स्टैंड और प्रमुख परिवहन स्थलों पर पेयजल व छाया की व्यवस्था करने, वाहनों की नियमित जांच और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि वे अपनी-अपनी मानक कार्यप्रणाली (SOP) तैयार कर 28 अप्रैल 2026 को आयोजित बैठक में प्रस्तुत करें और हीटवेव से बचाव के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

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