खुशियों का आंगन बना स्कूल, नन्हे छात्र की उत्साहभरी शुरुआत बनी प्रेरणा
*महज 3 साल 6 महीने की उम्र में LKG में दाखिला, पढ़ाई के प्रति लगन और मासूम जज़्बा बना चर्चा का विषय*
(आदित्य सोनी)
पिपरी (सोनभद्र)। पिपरी क्षेत्र के एक विद्यालय में इन दिनों एक नन्हे छात्र की उत्साहभरी शुरुआत सभी के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। स्कूल अब उसके लिए केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि खुशियों से भरा एक सुंदर आंगन बन गया है। उसकी चंचलता, मासूमियत और ऊर्जा ने न केवल सहपाठियों बल्कि शिक्षकों का भी दिल जीत लिया है।
महज 3 साल 6 महीने की छोटी उम्र में इस बच्चे ने एलकेजी (LKG) कक्षा में प्रवेश लिया है। मोहल्ले के अन्य बच्चों को स्कूल जाते देख वह पहले से ही स्कूल जाने को लेकर उत्साहित रहता था। अब जब उसे यह अवसर मिला है, तो वह पूरे जोश के साथ खेल-खेल में सीखने का आनंद ले रहा है।
उसकी पढ़ाई के प्रति लगन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह रोज सुबह 6 बजे से ही तैयार होकर स्कूल जाने के लिए उत्साहित रहता है। यहां तक कि वह रविवार को भी स्कूल जाने की जिद करता है, जो उसकी सीखने की तीव्र इच्छा को दर्शाता है।
विद्यालय की अध्यापिका भी उसकी तारीफ करते नहीं थकतीं। उनका कहना है कि इतनी छोटी उम्र में बच्चे का आत्मविश्वास, अनुशासन और व्यवहार बेहद सराहनीय है। वह अन्य बच्चों के लिए भी एक प्रेरणा बन रहा है।
विद्यालय परिवार का मानना है कि यह नन्हा सितारा भविष्य में अवश्य ही बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगा। शिक्षक और अभिभावक उसे ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद दे रहे हैं।
