रिहंद बांध के खुले सातों फाटक, जलप्रपात जैसा दृश्य देखने उमड़ी सैलानियों की भीड़
*रिहंद बांध का यह अद्वितीय दृश्य कई वर्षों में एक बार ही देखने को मिलता है, और यही कारण है कि पर्यटकों का उत्साह चरम पर है।*
(आदित्य सोनी)
रेणुकूट (सोनभद्र)। दिन मंगलवार 05 अगस्त 2025 को
पिपरी स्थित रिहंद बांध इन दिनों अपने पूरे जलभराव के कारण चर्चा में है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बांध के कैचमेंट एरिया — पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी सोनभद्र — से तेजी से पानी की आवक हो रही है। जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन को 4 अगस्त की शाम 5:00 बजे तक तीन फाटकों को खोलना पड़ा।
हालांकि जलस्तर में कमी न आने पर उसी दिन देर शाम चौथा और पांचवां गेट भी खोल दिया गया। स्थिति पर नियंत्रण न होने के चलते 4 अगस्त की रात 11:00 बजे छठवां और सातवां गेट भी खोल दिया गया। सातों फाटक 5 अगस्त की शाम 6:00 बजे तक खुले रहे।
अधिशासी अभियंता शशिकांत राय के अनुसार, इस समय रिहंद बांध से सातों फाटकों के माध्यम से लगभग 66,000 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। वहीं, सभी छह टरबाइनों को पूर्ण क्षमता पर चलाकर 6.8 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। टरबाइनों से भी 17,600 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इस प्रकार कुल 83,600 क्यूसेक पानी बांध से छोड़ा जा रहा है।
इधर जल स्तर और भारी आवक को लेकर बांध प्रशासन की चिंता बनी हुई है, तो वहीं दूसरी ओर इस अद्भुत प्राकृतिक दृश्य को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ रिहंद बांध पहुंच रही है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और सोनभद्र जिले सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए सैलानी जलप्रपात जैसे नजारे का आनंद ले रहे हैं।
सीआईएसएफ के जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हैं और लोगों को पानी के समीप जाने से रोक रहे हैं। प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि कोई दुर्घटना न हो।
