ब्रह्माकुमारी बहनों ने जिला कारागार गुरमा में 196 बंदियों को बांधा रक्षासूत्र
*बीके सुमन ने दिलाया मानसिक विकारों को त्यागने का संकल्प*
*सेवा संकल्प के तहत लगातार पांचवें दिन मनाया गया रक्षाबंधन*
(जी.के.मदान/आदित्य सोनी)
सोनभद्र। दिन बुधवार 06 अगस्त 2025 को मानवता की सेवा को समर्पित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के रॉबर्ट्सगंज सेवाकेंद्र द्वारा रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर सेवा संकल्प के पांचवें दिन जिला कारागार गुरमा में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 196 बंदियों को राखी बांधकर मानसिक विकारों को त्यागने का संकल्प दिलाया गया। इनमें 150 पुरुष, 42 महिला बंदी तथा 4 बच्चे शामिल रहे।
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहीं सेवाकेंद्र प्रभारी बीके सुमन दीदी ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व केवल रक्षा सूत्र बांधने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मिक रक्षा का प्रतीक है। यह मर्यादाओं के बंधन में बंधकर विकारों और नकारात्मक विचारों से स्वयं को मुक्त करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा, “जीवन ईश्वर का अनमोल उपहार है और अच्छे कर्मों के माध्यम से इसे श्रेष्ठ बनाया जा सकता है। हम जो भी कर्म करते हैं, उसी के अनुसार हमें फल की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर हमने बंदियों से उनके सबसे अधिक कष्ट देने वाले मानसिक विकार को त्यागने का संकल्प-पत्र लिया, जो इस रक्षाबंधन का सबसे पवित्र उपहार है।”
कार्यक्रम के दौरान जेल अधीक्षक अरुण कुमार मिश्र ने ब्रह्माकुमारी संस्था के इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में यह एक सराहनीय प्रयास है। यदि मनुष्य संकल्प ले तो जीवन में अपेक्षित परिवर्तन लाना सहज हो जाता है।”
इस अवसर पर जेल प्रशासन के अधिकारी – अरविंद कुमार सिन्हा (जेलर), अखिलेश कुमार पांडेय, गंगा प्रसाद, गौरव कुमार, गरिमा (सभी डिप्टी जेलर), वीरेंद्र कुमार तिवारी (चीफ हेड वार्डन), काशी प्रसाद (चीफ हेड सहायक वार्डन) तथा समस्त जेल स्टाफ ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम की सफलता में ब्रह्माकुमारी बहनों – बीके प्रतिभा, बीके सीता, बीके सरोज, बीके कविता, बीके दीपशिखा, बीके डॉ. हरिंद्र, डॉ. अनुपमा सिंह, जूही बहन, पवन भाई, रेखा बहन तथा ममता बहन का विशेष योगदान रहा।
