मद्रास HC ने 215 लोगों की सजा बरकरार रखी, रेप पीड़िताओं को मुआवजे का निर्देश
यह मामला तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले के वाचथी गांव में 1992 में चंदन की लकड़ी की तस्करी के खिलाफ पुलिस और वन विभाग द्वारा की गई छापेमारी से संबंधित था जिससे समूचे राज्य में बड़े पैमाने पर आक्रोश फैल गया था. मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच की थी. धर्मपुरी की निचली अदालत ने 2011 में 215 लोगों को दोषी ठहराया था और एक से 10 वर्ष तक की जेल की सजा सुनाई थी.
यह मामला तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले के वाचथी गांव में 1992 में चंदन की लकड़ी की तस्करी के खिलाफ पुलिस और वन विभाग द्वारा की गई छापेमारी से संबंधित था जिससे समूचे राज्य में बड़े पैमाने पर आक्रोश फैल गया था. मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच की थी. धर्मपुरी की निचली अदालत ने 2011 में 215 लोगों को दोषी ठहराया था और एक से 10 वर्ष तक की जेल की सजा सुनाई थी.
