‘ए ललना हिंद के सितारा…’ भोजपुरी न समझने वालों के बीच भी पॉपुलर है यह सोहर
लोक में गीतों की बहुत समृद्ध परंपरा रही है. हर अवसर पर गीतों के जरिए खुशियां जताने और शुभकामना देने की रिवायत रही है. इसी परंपरा का हिस्सा है सोहर. सोहर बच्चे के जन्म के समय गायी जाती है. ऐसा ही एक सोहर वेब सीरीज पंचायत -3 में बहुत लोकप्रिय हो रहा है. हालांकि इसका एक वर्जन सोशल मीडिया पर रील्स वगैरह में लगाए जाने से पहले भी वायरल होता रहा है.
लोक में गीतों की बहुत समृद्ध परंपरा रही है. हर अवसर पर गीतों के जरिए खुशियां जताने और शुभकामना देने की रिवायत रही है. इसी परंपरा का हिस्सा है सोहर. सोहर बच्चे के जन्म के समय गायी जाती है. ऐसा ही एक सोहर वेब सीरीज पंचायत -3 में बहुत लोकप्रिय हो रहा है. हालांकि इसका एक वर्जन सोशल मीडिया पर रील्स वगैरह में लगाए जाने से पहले भी वायरल होता रहा है.
