जानिए पंडित वीर विक्रम नारायण पांडेय जी से चंद्र ग्रहण का 12 राशियों पर प्रभाव….
जानिए पंडित वीर विक्रम नारायण पांडेय जी से चंद्र ग्रहण का 12 राशियों पर प्रभाव….
1. मेष राशि आपकी राशि पर इसका प्रभाव अशुभ रहेगा चिन्ता, विकार की सम्भावना रहेगी।
2. वृषभ राशि आपकी राशि पर इसका प्रभाव अशुभ रहेगा। अपवाद, खेदजनक रह सकता है।
3. मिथुन राशि आपकी राशि पर यह ग्रहण शुभ फल दायक रहेगा सुयोगद, सौख्य, लाभकारक हो सकती है।
4. कर्क राशि आपकी राशि पर यह ग्रहण अपवाद, व्यर्थ खर्च का परिचायक बन सकता है।
5. सिंह राशि आपकी राशि पर यह ग्रहण अशुभ है। शरीर विकार, कष्टप्रदायक होने की संभावना है।
6. कन्या राशि आपकी राशि पर यह चंद्र ग्रहण अशुभ है। आर्थिक चिन्तन, अपव्यय सूचक हो सकता है।
7. तुला राशि आपकी राशि पर यह ग्रहण शुभ है। सुखद लाभद, सुयोगद हो सकता है।
8.वृश्चिक राशि आपकी राशि के लिए भी यह चंद्र ग्रहण शुभ रहेगा रोग, इसके प्रभाव सुख सुविधा, शुभ फल की सम्भावना रहेगी।
9. धनु राशि आपकी राशि के लिए भी यह चंद्र ग्रहण अशुभ माना जा रहा है। मानद रूप में कमी, चिन्तन सूचक रह सकता है।
10. मकर राशि आपकी राशि पर भी यह चंद्र ग्रहण अशुभ है। विकार, प्रपीड़ा प्रभार प्रदायक हो सकता है.
11.कुम्भ राशि आपकी राशि के लिए भी यह चंद्र ग्रहण अशुभ रहेगा, चिन्तन, विकार, अपवाद सूचक कलह होने की सम्भावना बढ़ेगी।
12.मीन राशि आपकी राशि पर यह चंद्र ग्रहण शुभ असर देने वाला माना जा रहा है। सुखद, फलद योग करा सकता है।
ग्रहण का अन्य फल
मलेच्छ, मेकल (छतीसगढ़ के भाग के) पर्वतवासियों, बलीष्ठ जन्तुओं, राजा एवं राजाश्रितजनों, वन में निवास करने वाले मनुष्यों के लिए कष्टप्रद है-
“सिहे पुलिन्दगणमेकलसत्त्वयुक्तान् । राजोपमान्नपतीन् वनगोचरांश्च ।।”
क्योंकि यह ग्रहण ग्रस्तोदित है, अतः शारद्धान्यों की हानि हो-“ग्रस्तावदितास्तमितौ शारद्धान्यावनीश्वरक्षयदौ ।।”
वारफल क्योंकि यह ग्रहण मंगलवार के दिन होगा, अतः गजादिकों को कष्ट रहे। दुर्भिक्ष, चौर, अग्नि आदि का भय और अवन्ती देशवासियों को कष्ट रहे।
मासफल फाल्गुन पूर्णिमा का यह ग्रहण नाचने गाने वाले, क्षत्रियों, तपस्वियों, स्त्रियों के लिए कष्टप्रद है और बंग, अश्मक, अवन्त (म. प्र. का मालवा, उज्जैन) आदि देशों में राजद्रोह की सम्भावना बने।
नक्षत्रफल पू. फा. नक्षत्र का यह ग्रहण शिल्पीजनों, खरीद-फरोख्त का व्यापार करने वाले लोगों, कुवांरी कन्याओं क लिए पीड़ाप्रद है। कपास, रुई, सूत, कपड़ा, सब प्रकार के तेल, नमक महंगे हों।
अयनफल यह ग्रहण उत्तरायण में घटित हो रहा है, अतः आगामी मासों में सवर्ण (ब्राह्मण-क्षत्रिय-वैश्य) लोगों को राजनैतिक परेशानी रहे। गोजाति पर निर्दयतापूर्ण व्याहार हो। चना, गेहूं, जौ एवम् दालवाना महंगे हों।
चन्द्रग्रहण पर बाधा नाशक खास उपाय
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चंद्र ग्रहण के शुभ प्रभाव प्राप्त करने के उपाय धर्म शास्त्रों और वेदों में ग्रहण के दौरान बालक, वृद्ध और रोगी के लिए कोई नियम नहीं बताया गया है ।
1 चीटियों को पिसा हुआ चावल व आटा डालें।
2 मोती, चांदी, चावल, मिश्री, सफेद कपड़ा, सफेद फूल, शंख, कपूर, श्वेत चंदन, पलाश की लकड़ी, दूध, दही, चावल, घी, चीनी आदि का दान करें।
3 चन्द्रमा को मन और मां का कारक माना गया है, जन्म कुंडली में चन्द्रमा जिस भाव में बैठा हो उसके स्वामी अनुसार दान-पुण्य करना चाहिए।
4 चन्द्र वृष राशि के लिए शुभ और वृश्चिक राशी के लिए अशुभ होता है, जब चन्द्र जन्म कुण्डली में उच्च भाव का हो तब चन्द्र से सम्बन्धित वस्तुओं का दान नही करना चाहिए।
5 अगर चन्द्र कुण्डली के दूसरे और चौथे भाव में हो तो चावल चीनी दूध का दान न करें।
6 यदि वृश्चिक राशि में हो तो चन्द्र की शुभता प्राप्त करने के लिए धार्मिक स्थल या शमशान के पास आम जनता के लिए प्याउ (पानी की टंकी) बनवाएं या किसी मिट्टी के बर्तन में पक्षियों के लिये पानी रखें।
7 चन्द्र दोष दूर करने के लिए सोमवार, अमावस्या का दिन बहुत ही शुभ होता है। किंतु चन्द्र दोष से पीड़ित के लिए चन्द्रग्रहण के दौरान चन्द्र उपासना बहुत ही जरूरी होती है। शिव जी की आराधना करें अपने श्री इष्ट देवता जाप करें।
8 यदि आपका व्यवसाय ठीक नहीं चल रहा है तो ग्रहण से पहले नहाकर लाल या सफेद कपड़े पहन लें। इसके बाद ऊन व रेशम से बने आसन को बिछाकर उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठ जाएं।
9 जब ग्रहण काल प्रारंभ हो तब चमेली के तेल का दीपक जला लें। अब दाएं हाथ में रुद्राक्ष की माला लें तथा बाएं हाथ में 5 गोमती चक्र लेकर नीचे लिखे मंत्र का 54 बार जप करें ।
!! ऊँ कीली कीली स्वाहा !!
इसके बाद इन गोमती चक्रों को एक डिब्बी में डाल दें और फिर क्रमश: 5 हकीक दाने व 5 मूंगे के दाने लेकर पुन: इस मंत्र का 54 बार उच्चारण करें। अब इन्हें भी एक डिब्बी में डालकर उसके ऊपर सिंदूर भर दें। अब दीपक को शांत कर उसका तेल भी इस डिब्बी में डाल दें। इस डिब्बी को बंद करके अपने घर, दुकान या ऑफिस में रखें। आपका बिजनेस चल निकलेगा।
10 तंत्र शास्त्र के अनुसार चन्द्रग्रहण किया गया प्रयोग बहुत प्रभावी होता है और इसका फल भी तुरंत प्राप्त होता है। इस मौके का लाभ उठाकर यदि आप धनवान होना चाहते हैं तो नीचे लिखा उपाय करने से आपकी मनोकामना शीघ्र ही पूरी होगी ।और आपको धन लाभ होगा।
11 उपाय चंद्र ग्रहण के पूर्व नहाकर साफ पीले रंग के कपड़े पहन लें और ग्रहण काल शुरु होने पर उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुश के आसन पर बैठ जाएं।
अपने सामने चौकी पर एक थाली में केसर का स्वास्तिक या ऊँ बनाकर उस पर महालक्ष्मी यंत्र स्थापित करें। इसके बाद उसके सामने एक दिव्य शंख थाली में स्थापित करें। अब थोड़े से चावल को केसर में रंगकर शंख में डालें। घी का दीपक जलाकर नीचे लिखे मंत्र का कमलगट्टे की माला से ग्यारह माला जप करें-
मन्त्र सिद्धि बुद्धि प्रदे देवी मुक्ति मुक्ति प्रदायिनी।
पुते सदा देवी महालक्ष्मी नमोस्तुते।
मंत्र जप के बाद इस पूरी सामग्री को किसी नदी या तालाब में विसर्जित कर दें। इस प्रयोग से कुछ ही दिनों में आपको अचानक धन लाभ होगा।
